हर पल में बदलता वक़्त हू मैं,
कभी गीत, कभी ग़ज़ल, कभी नज़्म हू मैं .
रातों को जगता कोई ख्वाब हू मैं,
रातों को जगता कोई ख्वाब हू मैं,
सीने में सुलगता एक अरमान हू मैं .
चेहरा एक, भाव अनेक हू मैं,
चेहरा एक, भाव अनेक हू मैं,
भीड़ में शामिल एक और शख्स हू मैं .





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