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जाने कहाँ मोहब्बत सारी चली गयी


जाने कहाँ मोहब्बत सारी चली गयी,
वो बातें प्यारी, यादें निराली,
एक पल में ज़िन्दगी सारी बदल गयी.

गलतियों के दौर से गुज़रा मैं इस तरह,
माफ़ी कि हसरतें भी बदल गयी.

यादों को अब जलाऊं, भुलाऊं किस तरह,
ख़ाक हो कर भी फिर से यादों में बदल गयी.

जाने कहाँ मोहब्बत सारी चली गयी,
जिन राहों पे चले थे, उनकी मंजिलें बदल गयी.

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