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हे यकीन मुझे

हे यकीन मुझे, ये ज़माना भी देखेगा,
डूबा था ये सूरज कल जिधर,
उधर से ही कल फिर निकलेगा....

खुदा भी कब तक क्या करेगा,
नियति के नियम को
ये बंदा उसी का बदलेगा...

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