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खफा हम भी होते तो हैं


"खफा हम भी होते तो हैं" पर आज खफा नहीं आज खुश हूँ। ये मेरी 50th पोस्ट है मेरे ब्लॉग पर।
Golden Jubilee मना रहा हूँ आज... :)

बात यह है कि हम तुमसे कहते नहीं,

वरना खफा हम भी कभी होते तो हैं।


उठता नहीं धुंआ, ना राख ही बचती है ,

जज़्बात इस दिल के भी जलते तो हैं।


रोके रखते हैं ख़ुद को हम हर दफा,

पर अरमान कई मचलते तो हैं।


माना बहाने बेशुमार हैं पास तुम्हारे,

दूर जाने से पहले कदम रुकते तो हैं।


अब वादों की फितरत हम क्या कहें,

एक बार बनकर कई बार टूटते तो हैं।


ऐसा नहीं की अकेले हो तुम ही अकेले,

तन्हाई को हम भी महसूस करते तो हैं।


बात ये है की हम तुमसे कहते नहीं,

यादों में तुम्हारी अक्सर हम भी रोते तो हैं।


7 comments:

SWAPN said...

उठता नहीं धुंआ, ना राख ही बचती है ,

जज़्बात इस दिल के भी जलते तो हैं।


रोके रखते हैं ख़ुद को हम हर दफा,

पर अरमान कई मचलते तो हैं।

बात ये है की हम तुमसे कहते नहीं,

यादों में तुम्हारी अक्सर हम भी रोते तो हैं।


bahut sunder, excellent, tumhare liye meri taraf se dular, god bless u.

"अर्श" said...

bahot khub badhai ho 50th ke liye ... achhe she'r kahe hai achhe bhav ke sath dhero badhai....







arsh

MARKANDEY RAI said...

aapko badhai...... we have great expectations with u

प्रकाश बादल said...

बहुत अच्छा पुनीत भाई, ऐसे ही लिखते रहो
। क्षमा मैं पिछले दिनों से आ नहीं पाया अपके ब्लॉग पर

Neha Maheshwari said...

gud ji
congrates 50 th post k liye or kuch oscar par b likho bhaijaan

pavan said...

congrets..!!!!!!

Parul Singh said...

Hi !!!

congratulations that you have completed first 50 blogs.

All your works have been an amazing contribution to the gen of young poets.

Keep the good work going

you have my wishes

Parul

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