अब प्यार क्या होता है... ये तो प्यार करने वाले ही जाने.... हम तो पूर्ण रूप से अनजान है इससे... एक दिन में सारा प्यार कैसे उमड़ कर आता है। ये भी प्यार करने वालों की ही काबिलियत है। आख़िर हर इंसान का कोई न कोई छुपा हुआ talent ज़रूर होता है। ये दिन ख़ास आशिक मिजाज़ लोगों का दिन है। आज के दिन वो अपना talent दिखने में कतई नहीं हिचकिचाते। Life time validity वाला प्यार आज unlimited रूप से छलक छलक कर रोम रोम से फूट पड़ता है। उस पर भी हम कोई सवाल नहीं उठा सकते। आख़िर बिना अनुभव के अपने आप को तीस-मारखां समझना बेवकूफी ही होगी। और ऐसी कोई गुस्ताखी कहीं किसी सर फिरे आशिक को पसंद ना आए तो समझ लो कि आज प्यार वाले दिन भगवन को प्यारे होने की Probability 100% हो गई। अब इन सब से बचने का सीधा सरल उपाय हमें यही सूझा कि एक डूबकी प्यार में लगा कर कुछ लिख दें... तो वो ही रचना यहाँ पेश कर रहा हूँ... ('रचना' मेरी कविता को कहा है। 'कविता' भी जो मेने लिखा है वो है। कोई लड़की नहीं। अब प्यार वाले दिन सब matter all clear होना चाहिए इसलिए इतना कुछ लिखना पड़ा...)
खामोशी को मेरी समझे गर ,
तो कहूँ तुझसे मोहब्बत है,
जो निगाहों से कह जाए,
तो कहूँ ज़िन्दगी 'ज़िन्दगी' होती जाए।
बात जो करे गर तो
धड़कनें ख़ुद खामोश हो
तुझे सुनने को बेताब नज़र आयें,
तू जो देखे मुझे गर
तो कहूँ ज़िन्दगी 'ज़िन्दगी' होती जाए।
खिलती धूप में ढूँढूं तुझे
या चांदनी रात में तू मिल जाए,
हाथों में हाथ चलूँ मैं,
तो कहूँ ज़िन्दगी 'ज़िन्दगी' होती जाए.
हवाओं से कह दूँ मैं,
जुल्फों को तेरी न छेड़े यूँ,
जो सवारूँ मैं उन्हें,
तो कहूँ ज़िन्दगी 'ज़िन्दगी' होती जाए।
ओस की बूंदें भी अब तो
बारिशों सा खुबसूरत एहसास दे जाए,
पत्तो की सर-सराहट सी आहटें हो तेरी
तो कहूँ ज़िन्दगी 'ज़िन्दगी' होती जाए।
तेरा साथ मिल जाए गर मुझे
तो कहूँ ज़िन्दगी 'ज़िन्दगी' हो जाए।





4 comments:
sunder bhavnatmak rachna.
bahut khoob likhte hain aap. gar aap likhne ka shauq rakhte hain to main aapko invite karna chahunga ke aap mere blog ke lie koi prerna se bhari kavita bhejen.
gar kabhi waqt mile to mere blog par aayen.
www.salaamzindadili.blogspot.com
पुनीत भाई आप किस को पसन्द करते हो डिपैंड करता है
बहुत से लेखक हैं जो नामी गिरामी हैं और अच्छा लिख रहे हैं
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