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तसवीरें भी तेरी बोलती हैं आजकल

मोहब्बत में तेरी डूब गया हूँ इतना कि,
तसवीरें भी तेरी बोलती हैं आजकल

बैठे बैठे बतियाता हूँ उन्हीं से कि,
तुझे सोच सोच पगलाता हूँ आजकल

रह रहा हूँ मैं यादों में तेरी कि,
रह रही है तू मुझ में आजकल

मैं मानूं ये सौगातें है तेरी कि,
सब कुछ तेरा हो गया है आजकल

बहुत ख़ूबसूरत है तू, जानती है तू,
पर सब से कह रहा हूँ मैं आजकल

दीवाना बन फिरता हूँ इधर उधर,
कहते हैं सभी बावरा हो गया हूँ आजकल

खुशियों का मेरी एक ही ठिकाना है अब,
गलियों से तेरी बार बार गुज़रता हूँ आजकल

दिल नादाँ मेरा बहक गया है इस तरह कि ,
अक्स में भी अपने तुझे ही देखता हूँ आजकल

मोहब्बत में तेरी डूब गया हूँ इतना कि,
तसवीरें भी तेरी बोलती हैं आजकल।

खफा हम भी होते तो हैं


"खफा हम भी होते तो हैं" पर आज खफा नहीं आज खुश हूँ। ये मेरी 50th पोस्ट है मेरे ब्लॉग पर।
Golden Jubilee मना रहा हूँ आज... :)

बात यह है कि हम तुमसे कहते नहीं,

वरना खफा हम भी कभी होते तो हैं।


उठता नहीं धुंआ, ना राख ही बचती है ,

जज़्बात इस दिल के भी जलते तो हैं।


रोके रखते हैं ख़ुद को हम हर दफा,

पर अरमान कई मचलते तो हैं।


माना बहाने बेशुमार हैं पास तुम्हारे,

दूर जाने से पहले कदम रुकते तो हैं।


अब वादों की फितरत हम क्या कहें,

एक बार बनकर कई बार टूटते तो हैं।


ऐसा नहीं की अकेले हो तुम ही अकेले,

तन्हाई को हम भी महसूस करते तो हैं।


बात ये है की हम तुमसे कहते नहीं,

यादों में तुम्हारी अक्सर हम भी रोते तो हैं।


आदत

कोशिश थी हवाओं की
हमें पत्तों की तरह उडाने की,
साजिश थी ज़माने की
हमें हर वक्त आजमाने की,
साथ किसी का मिल न सका कभी,
पर आदत हमारी थी हर बार जीत जाने की.

यकीन था ख़ुद पर,
कुछ कर गुजरने की ठानी थी,
दीवानगी जो थी मंजिल को पाने की,
उसे जूनून अपना बनाने की
आदत हमारी थी.

राह जो चुनी थी हमने अपनी,
हर मोड़ पर मिली मुश्किलों की सौगात थी,
हर छोर पर गुलशन खिला दिए हमने,
कांटो से भी यारी की,
आदत हमारी थी.

ढल चुका था सूरज,
अब चाँद से मुलाक़ात की बारी थी,
ख्वाब जो देखे थे इन बंद आंखों ने,
हकीक़त उन्हें बनाने की,
आदत हमारी थी.

मंज़र बदल गया है कोई...

ये मेरे जज़्बात हैं,
इन्हें पढ़ गया है कोई,
कोई आया था यहाँ चुपके से,
क़दमों के निशाँ इस दिल पे,
छोड़ गया है कोई।

अजनबी था वो कोई,
अपना बना गया है कोई,
आहें उठा करती थी कभी,
अब धड़कनें दे गया है कोई

आसुओं को बारिश बना गया है कोई,
बंज़र ज़िन्दगी का मंज़र बदल गया है कोई,
खुश्क होती थी धड़कनें सभी,
अब उन्हें खुश कर गया है कोई

सासों को सात सुरों में पिरो गया है कोई,
जज्बातों को आवाज़ बना गया है कोई,
उठती गिरती नज़्म होती थी अक्सर,
उन्हें संभालने को लफ्ज़ दे गया है कोई

वो आहटें थी उसके आने की या,
जाते-जाते दुआएं दे गया है कोई,
वो निशाँ क़दमों के निशानी थी उसकी या,
मंजिल की राहें बता गया है कोई

रुका ना वो मेरे लिए,
वादा भी ना किया कोई,
पढ़कर जज़्बात मेरे,
मंज़र ज़िन्दगी का बदल गया है कोई

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ज़िन्दगी 'ज़िन्दगी' होती जाए


खामोशी को मेरी समझे गर ,
तो कहूँ तुझसे मोहब्बत है,
जो निगाहों से कह जाए,
तो कहूँ ज़िन्दगी 'ज़िन्दगी' होती जाए।

बात जो करे गर तो
धड़कनें ख़ुद खामोश हो
तुझे सुनने को बेताब नज़र आयें,
तू जो देखे मुझे गर
तो कहूँ ज़िन्दगी 'ज़िन्दगी' होती जाए।

खिलती धूप में ढूँढूं तुझे
या चांदनी रात में तू मिल जाए,
हाथों में हाथ चलूँ मैं,
तो कहूँ ज़िन्दगी 'ज़िन्दगी' होती जाए.

हवाओं से कह दूँ मैं,
जुल्फों को तेरी न छेड़े यूँ,
जो सवारूँ मैं उन्हें,
तो कहूँ ज़िन्दगी 'ज़िन्दगी' होती जाए।

ओस की बूंदें भी अब तो
बारिशों सा खुबसूरत एहसास दे जाए,
पत्तो की सर-सराहट सी आहटें हो तेरी
तो कहूँ ज़िन्दगी 'ज़िन्दगी' होती जाए।

तेरा साथ मिल जाए गर मुझे
तो कहूँ ज़िन्दगी 'ज़िन्दगी' हो जाए।

ज़रूरत थी जब किसी अपने की...




ज़रूरत थी जब किसी अपने की
मैं खुदा को ढूंढ़ लाया,
तलाश थी मोहब्बत के काफिलों की
ना जाने कहाँ से वो बेवफा चला आया।

झूठे वादे कहीं से ,
कहीं से सिर्फ़ झूठे दिलासे ले आया ,
गया जहाँ कहीं भी, हर दफा,
किसी दगाबाज़ से मिल आया ।

आदत बड़ी बुरी थी यारों,
खुद्दारी से जीने की,
जब कभी बिकता ईमान देखा
तो परदे गिरा आया।

साथ मिलना किसी का तो
नामुमकीन सी बात थी,
मैं अकेला ही हर जंग जीत आया।

हँसते चेहरों के पीछे क्या है,
पता था मुझे,
उन्हें भी मैं हकीक़त के आईने दिखा आया।

गिरा जब कभी किसी का सहारा ना था,
चंद इमारतें क्या खड़ी हुई अमीरी की,
हर कोई दौडा चला आया ।

पैसे को पूछती है दुनिया,
पैसे को पूजती है दुनिया,
कल तक किनारा कर गुज़रता था वो,
आज वो भी अपना बन चला आया।

ज़िन्दगी को देखा है मैंने हर नज़रिए से,
मेरे बुरे दिनों को भुलाकर हर कोई
आज अच्छे दिनों में साथ निभाने चला आया।
अपनेपन का ताज पहने सर पे,
कोई मुझे 'भाई' तो कोई 'बेटा'
और पता नहीं कितने 'अपने से' ही
नामों से पुकारता नज़र आया.....

ज़रूरत थी जब किसी अपने की मैं खुदा को ढूंढ़ लाया....

I can't love you anymore

I have loved you a lot,
But I am sorry,
I can't love you anymore.

I want you to be my forgotten past,
I want you to be my puzzle's lost part,
I want you to be the broken star.

I don't wish to break your heart,
I simply want you to apart,
I don't want you to miss me again,
I simply want you to walk away,
I don't want you to be mine,
I simply want to live without the dreamy nights.

I can't see tears in your glittering eyes,
I can't see your pleasant smile turn into cries.

I can't find a 'Reason' to love you like before,
That's the only reason,
I can't love you any more.

You will be in love...

Its a dream today,
but I know dream has to
come true someday.

I don't know when will it be,
tomorrow or today,
But I believe,
You will be in love with me someday.

It will be your desire
to hold me in your arms,
and wish that we never apart.

I know you will gaze at me
as if you would never see me again,
You wish to take away my picture
in your heart and look at it
whenever it says.

Your eyes speak
What you never wish to say,
I don't know when will it be,
tomorrow or today,
But I believe,
You will be in love with me someday....

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