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Paper Out...!!!



यारों आज किस्सा गज़ब का हुआ है,
Boys Hostel की corridors से लेकर
Girls Hostel की gossips तक में
नाम हमारा शामिल हुआ है।
English का Paper Out हुआ है,
अफवाहें उडी है, साथ उनके नाम हमारा भी चला है।
बदनामी में ही सही आज
नाम बड़ा मशहूर हुआ है।

Senior ने रौब जमाते हुए
Phone पर नाकाबिलियत का Loudspeaker बजाया है,
"अबे सुन! मैं 3rd year का senior बोल रहा हूँ,
English में First Year की back है।
कल क्या आ रहा है बता मुझे..."
बड़े बेशर्म senior हैं, Fail हो कर
रौब जमाते हैं, इसे बहादुरी बताते हैं।
तीन साल में English नहीं पढ़ पाए
वो हमें धमकाते हैं।

दोस्तों ने भी आज हमारे ही Number घुमाये हैं,
"कल क्या आ रहा है... यार... Please बताना... "
पूछने के कई जुगाड़ बैठाये हैं,
गालियों से सीधे 'Please' की तहज़ीब पर आज
सब ने Full Stop लगाये हैं।

कुछ भी कहो यारों आज
'अजीब' सी खुशी मिली है,
अफवाहों में ही सही आज
बात सिर्फ़ हमारी ही चली है.... :)

Random Thoughts...

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
You may have a million Excuses
for your failure but only a single Reason
for your Success.
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
Every time I think of you,

I think this would be the last time
I am thinking of you.
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
Its better to live alone
than to be left alone.
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

ग़लत-फहमी में जीने दे

आज होंश तू मेरे गुम रहने दे,
जी लिया हूँ बहुत मैं 'हकीक़त' के ज़माने में,
अब बेहतर है तू मुझे ग़लत-फहमी में जीने दे।

भीड़ में खो जाता हूँ अक्सर,
बेहतर है मुझे ग़लत-फहमी में
अकेले ही चलने दे।

आहें उठती हैं यहाँ दर-ब-दर,
बेहतर है मुझे ग़लत-फहमी में
धडकनों के साज़ सुनने दे।

झूठे मुस्कुराते चेहरे कई दीखते हैं इधर-उधर
बेहतर है मुझे ग़लत-फहमी में
अकेले ही सिसकने दे।

दर्द और ज़ख्मों के सहारे मिलते हैं बस यहाँ पर,
बेहतर है मुझे ग़लत-फहमी में
बेसहारा ही रहने दे।

हादसों पर हादसे होते हैं हर मोड़ पर,
बेहतर है मुझे ग़लत-फहमी में
चैन औ सुकून से मरने दे।

'अजीब' सी यह हसरत पूरी करने दे,
आज होंश तू मेरे गुम रहने दे,
बेहतर है तू मुझे ग़लत-फहमी में जीने दे।

तेरी मेरी ज़िन्दगी एक होगी

कब दिल मेरा तेरा गुलाम नहीं होता
तुझे शायद ख़बर भी ना होगी,
गौर से सुनना कभी हर धड़कन तेरी
मुझ ही को पुकारती होगी।

निघाहें तेरी कहती है,
अजनबी सी पेश आए तो वो तेरी अदा होगी,
जो देख कर मुझे नज़रें चुराए,
तो अकेले में मुस्कुराती होगी।

दुआओं में मेरी असर है इतना,
हर ख्वाहिश तेरी पूरी होगी,
जो टूटे कोई ख्वाब तो मुझसे कहना,
दामन में तेरे खुशियाँ बेशुमार होगी।

तुझे सोचता हूँ हर लम्हा,
मुमकिन है की तुझे भी मेरी ज़रूरत होगी,
जो रह न सके तू पल भर भी तन्हा,
तो यकीनन तेरी मेरी ज़िन्दगी एक होगी।

तुझे मेरी ज़रूरत होगी

जब आँखें तेरी नम होगी,
जिस दिन हँसी भी लबों से गुम होगी,
उस दिन शायद तुझे मेरी ज़रूरत होगी।

जब दर्द उठेगा दिल में तेरे,
जिस दिन पलकें तेरी भीगी होगी,
उस दिन शायद तुझे मेरी ज़रूरत होगी।

जब गुलशन भी खफा होंगे तुझसे,
जिस दिन मौसम की बेरुखी होगी,
उस दिन शायद तुझे मेरी ज़रूरत होगी।

जब ख्वाब कोई टूटेगा तेरा,
जिस दिन ज़माने भर की आंधियां होगी,
उस दिन शायद तुझे मेरी ज़रूरत होगी।

जब कभी किस्मत भी तेरी धोखा देगी तुझे,
जिस दिन यकीन भी न होगा तुझे ख़ुद पे,
उस दिन शायद तुझे मेरी ज़रूरत होगी।

जब खुदा भी साथ न होगा तेरे,
जिस दिन किसी अपने की कमी महसूस होगी,
उस दिन शायद तुझे मेरी ज़रूरत होगी।

हालात कई ऐसे होते हैं...

हालात कई , ज़िन्दगी बदल देते हैं,
मजबूरियों को आदत बना देते हैं,
हसरत नहीं होती किसी की, जीने की इस तरह,
वो जीते-जी मरना सीखा देते हैं....

जीता नहीं कभी....

जीता नहीं कभी आज तलक, पर आज हारना चाहता हूँ,
पाया नहीं कुछ अब तलक, पर अब जो कुछ है अपना,
सब खोना चाहता हूँ...

उम्मीदों के सहारे....

उम्मीदों के सहारे जी रहा हूँ आज,
कल उम्मीदों को मेरा सहारा होगा...

(आएगा कोई शख्स किसी दुनिया से,
जो सिर्फ़ हमारा होगा...)

हर बार की तरह...

हर बार की तरह इस बार भी
कुछ बुरा ही हुआ है,
हर बार की तरह इस बार भी
मैंने यही सोचा है ,
जो होता है अच्छे के लिए होता है,
जो हुआ है बुरा तो इसमें भी
कुछ अच्छा ही होगा,
हर बार की तरह इस बार भी
दिल को यही दिलासा दिया है,
अभी ना हुआ हो पर शायद,
आने वाले वक्त में तो कुछ अच्छा होगा,
आने वाला कल आज से कुछ बेहतर होगा,
हर बार की तरह इस बार भी
चला है जो ये सिलसिला बुरे का,
हर सिलसिले की तरह यह भी
कहीं ख़त्म तो होगा,
इस ज़िन्दगी के उस ओर
कोई छोर नया होगा,
वहाँ शायद कुछ अच्छा होगा,
हर बार की तरह इस बार भी
उम्मीदों का सहारा तो होगा....

I Should Smile....











When, I have shattered dreams in my eyes,

When, my heart cries,
When, I am alone in the shadows of silence,
When, memories turn back the tides,
At the Times I feel, I should smile.

When, I am driven by emotions,
When, I have no more affections,
When, I miss someone,
When, I lose without a reason,
At the Times I feel, I should smile.

When, in the world of lies, I have to be 'DIVINE',
When, nothings all right,
When, I suffer through sleepless nights,
When, I have to say, "everything will be fine",
At the Times I feel, I should smile.

When, I am a stranger in the crowd,
When, to speak up I have to be loud,
When, to prove myself I need to shout,
When, I have to be the 'odd one out'
At the Times I feel, I should smile.

रे मर जाएगा क्यूँ सोंचे है ...

कल क्या होगा,क्यूँ सोंचे है
मर जाएगा, क्यूँ सोंचे है ॥

खुद को तक, गिरवी रक्‍खा है
बिक जाएगा ,क्यूँ सोंचे है

अपना घर कितना अपना है
वो आएगा ,क्यूँ सोंचे है ॥

शेर नहीं दिल, के छाले हैं
वो समझेगा ,क्यूँ सोंचे है ॥

बीत गया जो, रीत गया जो
फ़िर लौटेगा ,क्यूँ सोंचे है ॥

अर्श है बेबस ,इस दुनिया में
पछतायेगा , क्यूँ सोंचे है ॥

प्रकाश"अर्श"
http://prosingh.blogspot.com/

My Anti-terrorist creation in Photoshop

click the image to view full size image.

ज़रूरत थी जब...

ज़रूरत थी जब किसी अपने की
मैं खुदा को ढूंढ़ लाया ......


जरुरत थी जब किसी अपने की,मैं खुदा को ढूंड लाया..
वो आशना भी आया जब ना-आशनाको ढूंड लाया ...

credits: Mr. Prakash Singh 'Arsh'
http://prosingh.blogspot.com/


जरुरत थी जब किसी अपने की मै खुदा को ढूंढ़ लाया
बेवफा बेगैरतों की बस्ती से मै एक वफ़ा को ढूंढ़ लाया
तन्हाई न करे महशूस रात भर कहीं अँधेरे उस घर के
मेरे दिल की तरह जलती है जो उस शमा को ढूंढ़ लाया

credits: Mr. "SURE"
http://dreamstocometrue.blogspot.com/
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