एक तेरा ख़याल है जो.. पल भर भी मुझसे दूर नहीं होता...
तू ना जाने... ये दिल कभी यूँ ही मायूस नहीं होता...
बात क्या करूँ मैं अपने वादों, इरादों की...
कि बातों में इक तेरे सिवा कोई और नहीं होता..
लाख आज़माले ये ज़माना चाहे..
मगर इश्क सा पावन कोई रिश्ता नहीं होता..




